धर्माधिष्ठित अर्थ: अर्थागम का मूल सिद्धान्त

अर्थ का आगमन पर्याप्त नहीं है। अर्थ का उचित अधिष्ठान आवश्यक है। जब अर्थ धर्म में प्रतिष्ठित होता है, तभी वह उत्तरदायित्व, स्थैर्य और पीढ़ीगत संरक्षण का साधन बनता है।

अर्थागम

7/4/2026